कल शाम को मैं अपनी मम्मी को फोन चलाना सिखा रहा था। उन्हें व्हाट्सएप पर आए मैसेज पढ़ने में काफी दिक्कत हो रही थी क्योंकि चश्मा न होने पर उन्हें छोटे अक्षर साफ नहीं दिखते। तब मुझे याद आया कि फोन में एक ऐसी सेटिंग होती है जिससे मोबाइल खुद सब कुछ पढ़कर सुना देता है। जब मैंने उनके फोन में ये चालू किया, तो वो काफी हैरान रह गईं।
अक्सर हम इन फीचर्स को अनदेखा कर देते हैं, पर ये सच में बहुत काम के हैं। चाहे आप गाड़ी चला रहे हों या फिर घर के बुजुर्गों को फोन इस्तेमाल करने में दिक्कत हो रही हो, ये बोलने वाली सेटिंग्स बड़े काम की साबित होती हैं। मैंने इसे अपने Infinix Hot 10 पर खुद टेस्ट किया है और मैं आपको बताता हूँ कि कौन सी सेटिंग आपके लिए सबसे अच्छी रहेगी।
टॉकबैक क्या है और इसे कब इस्तेमाल करें?
सबसे पहले बात करते हैं टॉकबैक की। ये फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए है जिन्हें आँखों से देखने में समस्या होती है।
जब मैंने इसे पहली बार अपने फोन पर ऑन किया, तो सच बताऊं मेरा दिमाग खराब हो गया था। फोन सामान्य तरीके से चलना बंद हो गया था। इसमें एक बार टच करने से कुछ नहीं होता, आपको हर चीज पर दो बार जल्दी-जल्दी क्लिक करना पड़ता है। और स्क्रीन को ऊपर या नीचे करने के लिए दो उंगलियों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
अगर आपकी आँखों में कोई दिक्कत नहीं है, तो इसे सिर्फ मज़े के लिए ऑन न करें। और अगर आप इसमें कभी फंस जाएं, तो इसे बंद करने का एक छोटा रास्ता है अपने फोन के वॉल्यूम अप और वॉल्यूम डाउन (आवाज़ बढ़ाने-घटाने वाले) दोनों बटनों को एक साथ 3 सेकंड तक दबाकर रखें, ये तुरंत बंद हो जाएगा।
सेलेक्ट टू स्पीक: ये मेरा पसंदीदा फीचर है
अगर आप चाहते हैं कि फोन हर समय न बोले, बल्कि सिर्फ तभी बोले जब आप कोई मैसेज पढ़वाना चाहें, तो सेलेक्ट टू स्पीक सबसे अच्छा है। इसे ऑन करने के बाद स्क्रीन के कोने में एक छोटा सा बटन आ जाता है।
जब भी कोई लंबा मैसेज या न्यूज आर्टिकल आए, बस उस बटन को दबाएं और उस लिखे हुए हिस्से पर अपनी उंगली फेर दें। फोन उसे तुरंत पढ़कर सुनाने लगेगा। ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो लंबा लेख पढ़ने में आलस करते हैं या जिन्हें पढ़ने में दिक्कत होती है।
Infinix Hot 10 में ये सेटिंग कहाँ मिलेगी?
मैं खुद Infinix Hot 10 इस्तेमाल कर रहा हूँ, तो मैंने देखा कि इसमें सेटिंग्स बाकी फोन्स से थोड़ी अलग जगह पर होती हैं। अगर आपके पास भी इनफिनिक्स का फोन है, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाएं।
स्टेप 2: नीचे स्क्रॉल करेंगे तो आपको स्पेशल फंक्शन (Special Function) या फिर सोशल टर्बो (Social Turbo) नाम का एक ऑप्शन दिखेगा।
स्टेप 3: उस पर क्लिक करें और सबसे नीचे जाएं, वहां आपको एक्सेसिबिलिटी (Accessibility) मिलेगा।
स्टेप 4: एक्सेसिबिलिटी के अंदर ही आपको टॉकबैक और सेलेक्ट टू स्पीक के सारे ऑप्शन मिल जाएंगे।
कॉलर आईडी अनाउंसमेंट: किसका फोन आ रहा है?
ये सेटिंग मुझे तब बहुत काम आती है जब मेरा फोन दूर रखा होता है। इसे ऑन करने के बाद जैसे ही किसी का फोन आता है, मोबाइल चिल्लाकर उसका नाम बताता है।
इसके लिए आपको अपने फोन के डायलर (जहाँ से आप कॉल करते हैं) की सेटिंग्स में जाना होगा। वहां आपको कॉलर आईडी अनाउंसमेंट का ऑप्शन मिलेगा। इसे आप हमेशा के लिए ऑन कर सकते हैं। अब आपको बार-बार फोन उठाकर देखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी कि किसका कॉल है।
वॉइस टाइपिंग: बोलकर मैसेज भेजें
व्हाट्सएप पर लंबे मैसेज टाइप करना सच में थका देने वाला काम है। इसके लिए मैं वॉइस टाइपिंग का इस्तेमाल करता हूँ। जब आप कीबोर्ड खोलते हैं, तो कोने में एक छोटा सा माइक दिखता है। उसे दबाकर आप जो भी बोलेंगे, फोन उसे अपने आप टाइप करता जाएगा।
अगर आप हिंदी में बोलना चाहते हैं, तो कीबोर्ड की सेटिंग में जाकर हिंदी भाषा को प्राइमरी सेट कर लें। ये इतना सटीक काम करता है कि आपकी बोली हुई हर बात को सही-सही लिख देता है।
कुछ जरूरी बातें
इन फीचर्स को इस्तेमाल करने से बैटरी पर कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ता। हाँ, गूगल असिस्टेंट थोड़ा सा बैटरी ले सकता है क्योंकि वह हर समय आपकी आवाज़ सुनने के लिए तैयार रहता है।
अगर आपको अपने फोन में ये सेटिंग्स नहीं मिल रही हैं, तो सेटिंग्स के सबसे ऊपर सर्च बार में जाकर सिर्फ टॉकबैक या एक्सेसिबिलिटी लिख दें, आपको सारे ऑप्शन तुरंत दिख जाएंगे।
मेरे हिसाब से हर किसी को कम से कम कॉलर आईडी अनाउंसमेंट और वॉइस टाइपिंग तो ज़रूर इस्तेमाल करनी चाहिए। इससे आपका काम बहुत आसान हो जाता है।
अगर आपको इनमें से कोई भी सेटिंग चालू करने में दिक्कत आ रही है, तो नीचे कमेंट में मुझे बताएं। मैं कोशिश करूँगा कि आपकी मदद कर सकूँ। और ये जानकारी अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को ज़रूर बताएं, क्योंकि उनके लिए ये किसी बड़ी सुविधा से कम नहीं है।